कनाडा एक क्राइम ड्रामा है जो 1990 के दशक में कनाडा में पंजाबी प्रवासियों के संघर्ष को उजागर करता है। परमिशन की दमदार एक्टिंग के साथ यह नस्ल भेद और सत्ता की भारी कीमत को बखूबी दर्शाता है। कनाडा वेब सीरीज एक शानदार और देखने लायक सीरीज ह।
कनाडा वेब सीरीज की प्रमुख बिंदु:
स्टार कास्ट , परमिश वर्मा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, रणवीर शौरी, जैस्मिन
निर्देशक, अजय राय, मोहित छाबड़ा, सना वारसी
प्लेटफॉर्म, जिओ हॉटस्टार
एपिसोड 8 (प्रत्येक 25 से 35 मिनट)
भाषा, हिंदी तमिल, मलयालम, तेलुगू ,मराठी ,कन्नड़ और बंगाली
कनाडा वेब सीरीज की कहानी:
1995 में आधारित कनाडा की कहानी निम्मल चहल (परमिश) के इर्द-गिर्द घूमती है जो 1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद अपने परिवार के साथ कनाडा में बसता है। रायपुर बनने का सपना लिए निम्मा वहां नस्ल भेद और भेदभाव का शिकार होता है। रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करता निम्मा जल्द ही सरबजीत रंगवा (अरुणोदय) के नेतृत्व वाले ड्रग माफिया के चंगुल में फंस जाता है। सरबजीत एक के निर्दय अपराधी है। जिसके लिए निम्मा काम करने लगता है। उसके बचपन का दोस्त डीजे आधार मलिक के और डीजे की बहन हरलीन (जैस्मिन बजवा) उसका साथ देते है।
सभी स्टार्स का काम काफी अच्छा:
परमिश वर्मा ने निम्मा के किरदार जान डाल दी है। उन्होंने एक युवक से शक्तिशाली लेकिन संघर्षरत ड्रग लॉर्ड बनाने के सफर को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया है। मोहम्मद जीशान अयूब अधिकारी संजयर रावत के किरदार में शानदार है। उनका सदा हुआ अभिनय शो को और मजबूत बनाता है। अरुणोदय सिंह ने सरबजीत के रूप में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। रणवीर सॉरी कम स्क्रीन टाइम में भी प्रभाव छोड़ते हैं। जैस्मिन बाजवा ने प्रेमिका हरलीन का किरदार अच्छी तरह से निभाय है।
इसका निर्देशन ठीक-ठाक है:
चंदन अरोड़ा का निर्देशन पंजाबी प्रवासियों के सामाजिक और भावनात्मक संघर्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। 1984 के दंगों की फ्लैशबैक झलकियां निम्मा के चरित्र को समझने में गहराई जोड़ती है। हालांकि शो का गति संतुलन थोड़ा लड़खड़ाता है। दिलचस्प है लेकिन बाद के एपिसोड में कहानी थोड़ी जल्दी बाजी में सुलझाई गई लगती है। जिससे कुछ किरदारों का विकास अधूरा सा लगता है। एक्शन सीक्वेंस ठीक-ठाक है। हालांकि निम्मा और डीजे के बीच के भावनात्मक सीन दिल को छू लेते है और लंबे समय तक याद रहते हैं। निर्देशन भी ठीक-ठाक है।
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