वेब सीरीज *आश्रम* में अपने मुखर और प्रभावशाली किरदार के लिए चर्चित अभिनेत्री *अदिति पहनकर ने हाल ही में एक झकझोर देने वाली घटना साझा की। उन्होंने बताया कि वह ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ते समय लोकल ट्रेन में **छेड़छाड़** का शिकार हुई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पुलिस की मदद से आरोपी को सबके सामने झुकने पर मजबूर कर दिया।
क्या हुआ था उसे दिन?
अदिति ने बताया कि वह मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर कर रही थीं। ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े एक लड़के ने उनकी छाती पर हाथ डाल दिया। इससे वह स्तब्ध रह गईं, लेकिन उन्होंने तुरंत फैसला किया कि वह चुप नहीं बैठेंगी। अगले स्टेशन पर उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत की।
पुलिस का पहला रिएक्शन: अरे यह तो ठीक है,
शुरुआत में पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया और टालमटूल करने की कोशिश की। एक पुलिसकर्मी ने कहा, *"अरे, यह तो टिक है! कुछ ज्यादा हुआ है क्या?"* लेकिन अदिति ने हिम्मत नहीं हारी और जोर देकर कहा कि उन्हें न्याय चाहिए। इसके बाद एक **महिला कांस्टेबल** उनके साथ घटनास्थल पर पहुंची।
आरोपी फिर से दूसरी लड़की को परेशान कर रहा था:
दिलचस्प बात यह थी कि जब पुलिस वहां पहुंची, तो वही लड़का **दूसरी युवती** के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहा था। यह देखकर महिला कांस्टेबल ने स्थिति को गंभीरता से लिया, लेकिन उसने अदिति से सबूत मांगे।
अदिति का जोरदार जवाब: मैं झूठ क्यों बोलूंगी?
अदिति ने कांस्टेबल से सख्ती से कहा, *"मैं झूठ क्यों बोलूंगी? मेरा कोई फायदा नहीं है इससे!"* जब कांस्टेबल ने लड़के से पूछताछ की, तो उसने साफ मना कर दिया। इस पर अदिति ने **जोर से चिल्लाकर** उसे डरा दिया।
सॉरी सॉरी, आरोपी ने मनी हार
अदिति उस लड़के से 2-3 साल बड़ी थीं और उन्होंने उसे डराने के लिए **मारने का इशारा** भी किया। इसके बाद लड़का घबरा गया और चिल्लाने लगा, *"सॉरी सॉरी!"* आखिरकार उसने सबके सामने **कबूल** किया कि उसने गलत किया था।
संदेश: लड़कियों को डरने की नहीं, लड़ने की जरूरत है,
अदिति ने इस घटना को साझा करके एक बड़ा संदेश दिया है कि **अगर लड़कियां हिम्मत दिखाएं, तो अपराधियों को सबक सिखाया जा सकता है**। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए।
निष्कर्ष:
अदिति राव हैदरी की यह कहानी दर्शाती है कि **बदलाव तभी आएगा जब पीड़िता डटकर सामने खड़ी होगी**। उनकी हिम्मत और साहस ने न सिर्फ उन्हें न्याय दिलाया, बल्कि एक संदेश भी दिया कि ऐसे अपराधियों को बचने नहीं देना चाहिए।
--- #छेड़छाड़_के_खिलाफ_आवाज**
(यह खबर अदिति राव हैदरी के इंटरव्यू पर आधारित है।)
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